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मेरा पहला ब्लॉग हिंदी में | My first blog in hindi

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मेरा पहला ब्लॉग हिंदी में - PARWINDER KAUR

मैं
जब मैंने अपना पहला ब्लॉग लिखना शुरू किया। तब मुझे बहुत सारी समस्याओं का सामना करना पड़ा ब्लॉग लिखने के लिए मुझे बहुत सारी मेहनत करनी पड़ी। मैं सारी रात जागती रहती। लिखने का शौक मुझे बहुत पुराने समय से था।  लेकिन अपना लिखा हुआ लोगों के पास कैसे पहुंचाना है।इसका मुझे कुछ भी पता नहीं था। 
 
मैं एक छोटे से गांव से हूं, मैंने आज तक कभी भी ब्लॉगिंग के बारे में कभी नहीं सुना था। लेकिन एक दिन यूट्यूब पर वीडियो देखते देखते मैंने नीचे की वीडियो में यह देखा कि ब्लॉगिंग कैसे करें। अब मेरे अंदर यह जानने की इच्छा हुई के ब्लॉगिंग किसे कहते हैं?,  मैंने बहुत सारी वीडियो देखी उसके बाद मुझे पता चला कि किसी भी सटोरी को या अपने व्यक्तिगत विचारों को लिखना एक ब्लॉग है। 

मैंने यह भी देखा कि हम कैसे ब्लॉगिंग करते-करते पैसा कमा सकते हैं। मैंने सब कुछ यूट्यूब पर सीख लिया। जब मैंने अपना पहला ब्लॉग लिखना शुरू किया तो, मेरे सामने कोई ना कोई नई मुश्किल आकर खड़ी हो जाती। मैंने blogger.com पर अपने आप अपनी प्रोफाइल बनाई। किसी ने भी मेरी कोई मदद नहीं की। लेकिन प्रोफाइल बनाने के बाद जब मैंने लिखना शुरू किया तो बार-बार गलत शब्द लिखे जाते थे। और जब भी मैं उन्हें मिटाने की कोशिश करती तो पूरी स्टोरी ही डिलीट हो जाती।
 
मेरे साथ 5 बार ऐसा हुआ मैंने पूरी 6000 शब्दों की बहुत बड़ी स्टोरी लिखी थी। स्टोरी डिलीट होने के बाद मुझे दोबारा लिखनी पड़ती। मैं घर का सारा काम भी करती और बच्चों को भी संभालती। बड़ी मुश्किल से मैं ब्लॉग लिखने के लिए समय निकालती। लेकिन मैंने कभी भी अपना हौसला नहीं छोड़ा। 
 
मेरे मन में यह था। के मैंने यह काम करना है। तो बस करना है। चाहे कुछ भी हो जाए ब्लॉगिंग से संबंधित वीडियो देखकर मेरे मन में ब्लॉग लिखने की इच्छा इतनी जागी कि, मैंने अपना सारा खाना पीना भी छोड़ दिया। बस ध्यान था।  एक फोन पर जो ब्लॉग पर, मेरे घरवाले मुझे यह कहते के जो तू कर रही है। सब बकवास है, इस काम का कोई फायदा नहीं। कई बार तो पति से भी डांट पड़ती। खाना लेट हो जाने के कारण दोस्तों मैंने तो मेरे पहले ब्लॉग से यह सीखा है। कि सफलता ऐसे नहीं मिलती पूरी जान लगानी पड़ती है। किसी ने ठीक कहा है कि, मेहनत का फल हमेशा मीठा होता है। अब मैंने ब्लॉग लिखना सीख ही लिया। 
 
आज मेरा यह चौथा ब्लॉग है। मैं बहुत खुश हूं। मैं हमेशा फालतू की टेंशन में रहती थी। लेकिन जब से मैंने ब्लॉग लिखना शुरू किया। तो दिमाग हल्का सा हो गया। अब ब्लॉग लिखना मेरा शौक बन चुका है। हर रोज मैं अपने ब्लॉग के होमपेज पर जाकर सबसे पहले यह देखती हूं कि मेरे ब्लॉग को कितने लोगों ने अब तक देखा है। यह सब देखकर मुझ में और लिखने की ताकत बढ़ जाती है। 
 
अगर आप में भी कोई स्किल है, तो उसे बाहर लेकर आओ दुनिया को भी पता चले कि आप आगे बढ़ने का जज्बा रखते हो। अब अपने अंदर के टैलेंट को छुपाओ मत। गूगल पेज पर जाओ क्लिक करो, और ब्लॉग्गर.काम एंटर करो और प्रोफाइल बनाओ। अपना काम शुरू कर दो, सफल होने के लिए हमें अपने मन और तन से मेहनत करनी पड़ती है। काम चाहे कोई भी हो चाहे खेतों में फसल उगाने का हो चाहे आईपीएस अफसर बनने की तैयारी करने का हो और चाहे टीचर बनने की अगर मन में ठान लोगे तो सब हो जाएगा।

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