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एक अच्छे माता-पिता कैसे बने | How To Become A Good Parents in hindi

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How To Become A Good Parents in hindi


बच्चों के जीवन में माता-पिता की भूमिका

मां-बाप तो कभी भी बुरे नहीं होते लेकिन कभी-कभी जाने अनजाने माता-पिता का व्यवहार जा दृष्टिकोण अपने बच्चों के लिए ही हानिकारक हो जाता है। हो सकता है कि आपके बच्चे आपकी किसी आदतों को पसंद नहीं करते हो लेकिन कह भी नहीं पाते हो बच्चों के जीवन मेंं माता-पिता की भूमिका कैसा हो माता-पिता का व्यवहार जिससे वह आदर्श मां बाप बन सके आइए जानने की कोशिश करते हैं।

दूसरों से ना करें अपने बच्चों की तुलना

हर बच्चे की अपनी अपनी काबिलियत और क्षमता होती है। कोई भी बच्चा किसी दूसरे के जैसा नहीं हो सकता इसलिए कभी अपने बच्चों को काम धंधों के लिए ना कोसे लेकिन उनका हौसला बढ़ाएं जो भी वह काम करते हैं। हमेशा उनकी प्रशंसा करें

सकारात्मक दृषटिकोण

कोई भी लक्ष्य अपने बच्चों के सामने ऐसा ना रखें जिसे पूरा करने में वह समर्थ न हो यदि वह कोई गलती भी करें या पढ़ाई में मन ना लगाए तो आलोचना के स्थान पर इस तरह व्यवहार कर सकते हैं जैसे तुम्हारी तरह पहले मैं भी ऐसी गलती कर दिया करती थी। लगातार कोशिशों के बाद में भी पढ़ कर अच्छे नंबर लाने लगी ऐसी बातें अब से ही उसके लिए प्रेरणा का काम करेगी और वह अपनी गलतियों व कमियों को सुधारने की कोशिश करेंगे।

नरमी से आए पेश

बच्चों की समस्या को अपने नजरिए से नहीं बल्कि खुद को उनकी जगह रख कर सुलझाने की कोशिश करें उनकी मन स्थिति समझकर ही फैसले लें यदि आपकी बेटी डांसर बनना चाहे और आप चाहते हैं कि डॉक्टर बने यह जरूरी नहीं है कि डॉक्टरी में दाखिला लेकर आपकी बेटी कामयाब हो इसीलिए ऐसे समय में संतुलित व्यवहार अपनाए जब ध्यान रखें के किसी के सामने अपने बच्चों की निंदा ना करें अगर कभी डांटने की जरूरत भी पड़़े तो घर के अंदर ही अपनेेेे बच्चों को डांटे लेकिन ज्यादा डांट पर जोर ना दें प्यार और सहनशीलता से समझानेेेे पर आपके बच्चे आपकी हर बात मानेंगे भी और जल्दी समझने की कोशिश भी करेंगेे

भावनात्मक रिश्ता

अपने स्वभाव से हमेशा यह जताते रहे के आप अपने बच्चों से कितना प्यार करते चाहे बच्चे कितने भी बड़े क्यों ना हो जाएं आप भी उनके साथ प्यार से पेश आएं इससे आपका बच्चों के साथ एक अच्छा और भावनात्मक रिश्ता हमेशा के लिए बना रहेगा और वह आपकी हर बात को प्यार से समझेंगे भी और मानेंगे भी

बंधन का त्याग

हर मां बाप को अपने बच्चों को अनुशासन जरूर सिखाना चाहिए और उन्हें अपने तरीके से घूमने फिरने की और जिंदगी जीने की आजादी भी देनी चाहिए अगर कोई रोक-टोक करनी हो तो कम ही करें दोस्तों के साथ सैर सपाटा पिकनिक किसे अच्छा नहीं लगता मगर जब भी आप बार-बार बच्चों पर विश्वास न करके हर बार उन्हें रोक करेंगे तो वह चुप कर आपकी इच्छा पूरी करेंगे ऐसी स्थिति में उनके बिगड़ने की आशंका ज्यादा रहती है। यदि वह आपसे वादा करके सही समय पर घर आए तो उन्हें जाने की अनुमति अवश्य दें

वक्त निकालना

अपनी भागदौड़ भरी व्यस्त दिनचर्या में खुशी के कुछ पल बच्चों के साथ बिताएं छुट्टी के दिन कहीं पिकनिक का प्रोग्राम बना कर इकट्ठे जाइए अपने बच्चों की भावनाओं को समझने की कोशिश करें यदि किसी बात से वह गुस्सा है तो गुस्सा जाहिर करने दें यदि वह पलट कर जवाब दे तो यह जानने की कोशिश करें कि इसकी वजह क्या है। उसे प्यार से समझाएं कि इस तरह का व्यवहार गलत समझा जाता है। आपका बच्चा आपकी बगिया का फूल है। जब वह मुस्कुराएगा तभी आपकी जिंदगी खुशहाल बन पाएगी बच्चों की कमजोरियों का मजाक ने बनाकर उपदेश न देकर उसे प्यार से समझेंगे और समझाएंगे तबी आप एक अच्छे माता पिता की भूमिका अदा कर पाएंगे और परिवार को संभाल कर रख पाओगे

अपना रवैया ठीक रखें

यह ध्यान रखें कि आपका अपने घर में कैसा रोल है। और आपका व्यवहार कैसा है। हर बच्चा जब छोटा होता है तो वह अपने मां बाप को ही देखकर बड़ा होता है। किसी ने ठीक ही कहा है कि जैसा बाप वैसा बेटा अगर आप हमेशा सच बोलते हो,या गरीबों की सहायता करते हो या शांत स्वभाव के हो तो आपका बच्चा भी आपको देखकर कर आगे बढ़ेगा आपके स्वभाव का आपके बच्चे पर बहुत असर पड़ेगा,माता पिता जैसे संस्कार अपने बच्चे को देते हैं। वैसे ही बच्चा अपनाता है। अगर आप अपने बच्चों के साथ सहनशीलता से बात करेंगे तो वह भी आपके साथ प्यार से ही बात करेंगे

माता-पिता होने के नाते आपको अपने बच्चों के नैतिक और बौद्धिक विकास पर खास ध्यान देना होगा, उनकी हर कठिनाई को समझाना पड़ेगा और हर मुश्किल को दूर करने का प्रयास करना होगा,अच्छे स्कूल में बच्चों को पढ़ाना पड़ेगा, और उनके स्वास्थ्य पर खास ध्यान देना होगा, बुरी संगती और बुरे विचारों से हमेशा अपने बच्चों को बचा कर रखना चाहिए ज्यादा प्यार भी बच्चों को खराब कर देता है। इसलिए उनसे ज्यादा लाड प्यार के चक्कर में उनको बिगाड़े नहीं लेकिन गलती होने पर उनको डांटे भी ताकि अपनी गलतियों को समझ कर वह आगे बढ़ सकें और बड़े आदमी बन सके

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